सरकार की नाकामी से 1975 बाला गेहूं, मंडी में 1650 रुपये क्विंटल बिक रहा

मैनपुरी। अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक किसानों को मंडियों में गेहूं का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। व्यापारी मनमाने दामों पर खरीद कर रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। जो गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर 1975 रुपये प्रति क्विंटल में बिक रहा है उसे मंडी में व्यापारी 1650 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है।

जिले में बड़े पैमाने पर गेहूं की पैदावार होती है। लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसान गेहूं उगाते हैं। इस बार गेहूं उत्पादक किसानों को झटका लगा है। गेहूं की पैदावार 20 प्रतिशत तक कम हुई है तो दूसरी ओर कीमत भी कम मिल रही है। शासन ने गेहूं के लिए 1975 रुपये प्रति क्विंटल का रेट निर्धारित किया है। जबकि नवीन मंडी में आढ़ती और व्यापारी 1650 रुपये प्रति क्विंटल में गेहूं की खरीद कर रहे हैं।

मजबूरी में किसान यहां अपना गेहूं बेच रहे हैं। किसानों के अनुसार जल्द पैसों की जरूरत का फायदा उठाकर व्यापारी मनमानी कीमतों पर गेहूं की खरीद कर रहे हैं। दो वर्ष पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी पीके उपाध्याय के आदेश के बाद नवीन मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही गेहूं की खरीद हुई थी, लेकिन इस बार प्रशासन को खरीद से कोई लेना-देना नहीं है।

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Author: Ratnesh Yadav

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